क्या बात है फ़िरदौसजी। बहुत ख़ूब। मालिक का करम है जो आप ऐसी मोहतरमा से मुलाक़ात हुई। अदब की दुनिया से आपका रब्त क़ाबिलेतारीफ़ोग़ौर है। हम दोस्त हुए आपके। मिलते रहिएगा। बहुत बहुत शुक्रिया आपका।
आज़माइशें
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*डॉ फ़िरदौस ख़ान *
ज़िन्दगी में सुख और दुख, धूप और छाँव की तरह होते हैं. ये सच है कि अच्छे
लोगों को ही सबसे ज़्यादा दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है. बेशक आज़...
ज़िन्दगी
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कहते हैं कि ज़िन्दगी कभी किसी के लिए नहीं रुकती... लेकिन हक़ीक़त में ऐसा नहीं
है, ज़ाहिरी तौर पर भले ही ज़िन्दगी मुतासिर दिखाई न दे, लेकिन हक़ीक़ी तौर पर
ज़िन्दग...
When I am unwell
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When I am unwell—my body drained by fever and the very act of resting
becoming wearisome—everything outside my room suddenly seems so appealing.
I long t...
हमारी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की साधना...
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संगीत प्रकृति के कण-कण में बसा है. चिड़ियों की चहचहाहट, नदियों का कल-कल करता
जल, झरनों की झर-झर, हवा की सांय-सांय और रिमझिम बूंदों की टिप-टिप. सभी में
सं...
27 सूरह अन नम्ल
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सूरह अन नम्ल मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 93 आयतें हैं.
*अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है*1. ता सीन. ये
क़ुरआन और रौशन किताब की आयतें...
2 Comments:
...آپ کو بھی رمضان کی بہت-بہت مبارکباد
क्या बात है फ़िरदौसजी। बहुत ख़ूब। मालिक का करम है जो आप ऐसी मोहतरमा से मुलाक़ात हुई। अदब की दुनिया से आपका रब्त क़ाबिलेतारीफ़ोग़ौर है। हम दोस्त हुए आपके। मिलते रहिएगा। बहुत बहुत शुक्रिया आपका।
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